PM Kisan Yojana: खाते में कब आएंगे 22वीं किस्त के 2-2 हजार रुपये? किसान इस तरह पहले ही देख लें स्टेटस

PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana के तहत देशभर के करोड़ों किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। अब किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है और हर लाभार्थी जानना चाहता है कि खाते में ₹2000 कब आएंगे। आमतौर पर सरकार चार-चार महीने के अंतराल पर राशि जारी करती है, इसलिए पिछली किस्त के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त निर्धारित समय सीमा के आसपास जारी हो सकती है। हालांकि अंतिम तिथि सरकार की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करती है। कई किसानों की किस्त इसलिए रुक जाती है क्योंकि उनके दस्तावेज अधूरे होते हैं या बैंक खाते की जानकारी गलत होती है। इसलिए इस बार किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपना स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि पैसा आने से पहले ही किसी समस्या को ठीक किया जा सके और किस्त बिना रुकावट सीधे खाते में पहुंच सके।

22वीं किस्त कब आ सकती है, समझें संभावित तारीख

PM Kisan योजना में पहली किस्त अप्रैल-जुलाई, दूसरी अगस्त-नवंबर और तीसरी दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है। इसी पैटर्न को देखते हुए 22वीं किस्त भी तय चक्र के अनुसार जारी होने की संभावना मानी जा रही है। सरकार आमतौर पर किस्त जारी करने से पहले लाभार्थियों का डेटा वेरिफिकेशन करती है, जिसमें बैंक खाते, आधार नंबर और भूमि रिकॉर्ड की जांच शामिल रहती है। अगर किसी किसान का रिकॉर्ड मैच नहीं करता है तो उसकी किस्त रोक दी जाती है। इसलिए जिन किसानों ने हाल ही में बैंक बदला है या नया मोबाइल नंबर जोड़ा है, उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कई बार NPCI लिंक न होने से भी भुगतान अटक जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन किसानों का e-KYC पूरा है और आधार बैंक से जुड़ा है, उन्हें किस्त समय पर मिलने की पूरी संभावना रहती है। इसलिए आधिकारिक सूचना आने से पहले ही तैयारी करना जरूरी है।

किस कारण रुक जाती है किस्त

कई किसानों को लगता है कि सरकार पैसे नहीं भेज रही, जबकि असल में तकनीकी कारणों से भुगतान रुकता है। सबसे सामान्य कारण e-KYC अधूरा होना है। इसके अलावा गलत IFSC कोड, आधार में नाम और बैंक खाते के नाम में अंतर, जमीन रिकॉर्ड अपडेट न होना या आवेदन में गलती भी बड़ी वजह बनती है। जिन किसानों की भूमि सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, उनका भुगतान स्वतः रोक दिया जाता है। कई राज्यों में भूलेख सत्यापन अनिवार्य है और बिना इसके किस्त जारी नहीं होती। कुछ मामलों में किसान पात्रता की श्रेणी में नहीं आते, जैसे आयकरदाता या सरकारी नौकरी करने वाले लोग, इसलिए उन्हें योजना से हटा दिया जाता है। अगर पहले किस्त मिलती थी और अचानक बंद हो गई है, तो घबराने की बजाय अपने आवेदन विवरण को ध्यान से जांचना चाहिए। छोटी सी त्रुटि ठीक करते ही अगली किस्त फिर से चालू हो सकती है।

घर बैठे ऐसे देखें स्टेटस

किसान बिना किसी साइबर कैफे गए अपने मोबाइल से भी किस्त का स्टेटस देख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और Beneficiary Status विकल्प पर जाएं। वहां किसान आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर में से किसी एक को दर्ज करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। स्क्रीन पर तुरंत पता चल जाएगा कि किस्त जारी हुई है या रुकी हुई है। यदि “Payment Pending” या “Rft Signed by State” लिखा आता है तो इसका मतलब प्रक्रिया चल रही है और जल्द पैसा आ सकता है। वहीं “Rejected” या “Inactive” दिखाई देने पर दस्तावेज सुधारने की जरूरत होती है। स्टेटस देखने से किसान समय रहते समस्या समझ लेते हैं और बैंक या कृषि विभाग के चक्कर लगाने से बच जाते हैं। इसलिए हर लाभार्थी को किस्त आने से पहले एक बार स्टेटस अवश्य जांच लेना चाहिए।

e-KYC और आधार लिंक कराना क्यों जरूरी

सरकार ने फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अभी तक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उनकी किस्त जारी नहीं होगी। e-KYC दो तरीकों से किया जा सकता है—ऑनलाइन OTP के माध्यम से या नजदीकी CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन से। इसके साथ ही बैंक खाते को आधार से लिंक कराना भी आवश्यक है, क्योंकि पैसा सीधे DBT के जरिए भेजा जाता है। अगर खाते में आधार लिंक नहीं है तो भुगतान असफल हो सकता है। कई किसानों की किस्त इसलिए भी रुक जाती है क्योंकि उनका खाता निष्क्रिय या बंद हो चुका होता है। इसलिए बैंक जाकर खाता सक्रिय रखना जरूरी है। समय पर e-KYC और बैंक अपडेट कराने से किसान बिना किसी रुकावट हर किस्त का लाभ प्राप्त कर सकते हैं और योजना की पूरी राशि सुरक्षित तरीके से मिलती रहती है।

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