PM Kisan Samman Nidhi Yojana – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। 2026 में सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध कराए हैं, ताकि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान भी आसानी से जुड़ सकें। अब किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से पंजीकरण कर सकते हैं, वहीं जिन किसानों के पास इंटरनेट सुविधा नहीं है वे ग्राम पंचायत, CSC केंद्र या कृषि कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती से जुड़ी छोटी-मोटी जरूरतों जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई खर्च को पूरा करना है, जिससे उनकी आय स्थिर रहे और खेती को आर्थिक सहारा मिल सके।
पीएम किसान योजना के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है और वे भारत के नागरिक हैं। संयुक्त परिवार के मामले में परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना के लिए पात्र माना जाता है। सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता, बड़े व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर और संस्थागत भूमि धारक किसान इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाते। आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक, मोबाइल नंबर, भूमि रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी या जमाबंदी), और निवास प्रमाण। आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है, क्योंकि किस्त सीधे DBT के माध्यम से भेजी जाती है। गलत जानकारी देने या दस्तावेजों में त्रुटि होने पर आवेदन रद्द भी किया जा सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले अपने दस्तावेज अपडेट और सही करा लें ताकि किस्त आने में कोई समस्या न हो।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (घर बैठे रजिस्ट्रेशन कैसे करें)
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किसान को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल खोलना होगा और “नया किसान पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आधार नंबर दर्ज कर OTP सत्यापन करना होता है। सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन फॉर्म खुलता है जिसमें किसान का नाम, पता, बैंक खाता विवरण, भूमि का विवरण और मोबाइल नंबर भरना होता है। फॉर्म भरने के बाद दस्तावेज अपलोड करने होते हैं और सबमिट बटन दबाना होता है। सफल आवेदन के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है जिसे भविष्य में स्टेटस जांचने के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। किसान अपने आवेदन की स्थिति “Beneficiary Status” विकल्प में जाकर देख सकते हैं। यदि जानकारी सही पाई जाती है तो नाम लाभार्थी सूची में जुड़ जाता है और अगली किस्त सीधे खाते में भेज दी जाती है। ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ यह है कि किसान को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और आवेदन तुरंत दर्ज हो जाता है।
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ऑफलाइन आवेदन कैसे करें (CSC और पंचायत से पंजीकरण)
जिन किसानों के पास इंटरनेट सुविधा या तकनीकी जानकारी नहीं है, वे ऑफलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), जन सेवा केंद्र, कृषि विभाग कार्यालय या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाना होगा। वहां मौजूद ऑपरेटर किसान के दस्तावेजों की जांच कर ऑनलाइन पोर्टल पर उनका पंजीकरण कर देता है। किसान को केवल आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भूमि रिकॉर्ड की कॉपी साथ ले जानी होती है। आवेदन पूरा होने के बाद ऑपरेटर रसीद या पंजीकरण संख्या देता है, जिससे किसान आगे चलकर किस्त की जानकारी ले सकते हैं। कई राज्यों में कृषि सहायक या पटवारी भी किसानों की मदद करते हैं और विशेष शिविर लगाकर सामूहिक आवेदन कराते हैं। यह प्रक्रिया उन बुजुर्ग किसानों के लिए काफी उपयोगी है जो स्मार्टफोन या इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाते।
आवेदन के बाद किस्त कब और कैसे मिलेगी
आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान को योजना की राशि साल में तीन बार प्राप्त होती है। प्रत्येक किस्त ₹2000 की होती है जो आमतौर पर अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है। राशि सीधे किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में DBT प्रणाली से ट्रांसफर की जाती है, इसलिए बैंक खाते की KYC पूरी होना जरूरी है। यदि किस्त नहीं आती है तो किसान पोर्टल पर जाकर आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस देख सकते हैं। कई बार भूमि रिकॉर्ड सत्यापन या बैंक खाते की समस्या के कारण भुगतान रुक जाता है, जिसे स्थानीय कृषि कार्यालय या बैंक शाखा में जाकर ठीक कराया जा सकता है। किसान हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके भी जानकारी ले सकते हैं। सही जानकारी और समय पर सत्यापन करने से नियमित रूप से किस्त प्राप्त होती रहती है और किसानों को खेती के खर्च में आर्थिक सहायता मिलती रहती है।









