8th Pay Commission News: कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर 3.25 होने से ₹58,500 हो सकती है सैलरी, ये रहा पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission News

8th Pay Commission News – केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और कर्मचारी संगठनों की मांगों के आधार पर माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में नए वेतन आयोग का गठन कर सकती है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा “फिटमेंट फैक्टर” को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव आता है। यदि फिटमेंट फैक्टर 3.25 तय किया जाता है तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार यह बढ़कर लगभग ₹58,500 तक पहुंच सकती है। इससे न केवल कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ेगी बल्कि HRA, TA और DA जैसे सभी भत्तों में भी स्वतः वृद्धि होगी। यही कारण है कि लाखों कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और क्यों महत्वपूर्ण है

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplication Value) होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। हर वेतन आयोग में इसे बढ़ाया जाता है ताकि महंगाई और जीवन-यापन की लागत के अनुसार कर्मचारियों की आय संतुलित रहे। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके कारण न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। अब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में इसे 3.25 करने की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इसे स्वीकार करती है तो सभी लेवल के कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सीधा असर बेसिक पे पर पड़ता है और बेसिक पे बढ़ते ही महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और यात्रा भत्ता भी बढ़ जाते हैं। इसलिए इसे वेतन वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

₹58,500 सैलरी का कैलकुलेशन कैसे बनेगा

यदि वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है और इसे 3.25 के फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाए तो नया बेसिक वेतन ₹58,500 के आसपास बनता है। गणना इस प्रकार है — 18,000 × 3.25 = ₹58,500। इसके अलावा कर्मचारियों को DA, HRA और अन्य भत्ते भी मिलेंगे, जिससे कुल इन-हैंड सैलरी ₹70,000 या उससे अधिक तक जा सकती है, जो पोस्टिंग शहर पर निर्भर करेगी। मेट्रो शहरों में HRA ज्यादा होने के कारण वेतन और बढ़ सकता है। इसी तरह उच्च पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी में भी कई गुना बढ़ोतरी होगी। पेंशनर्स को भी समान अनुपात में लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि उनकी पेंशन बेसिक पे पर आधारित होती है। इसलिए 8वां वेतन आयोग केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।

भत्तों पर क्या पड़ेगा असर

बेसिक सैलरी बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा भत्तों पर देखने को मिलेगा। महंगाई भत्ता (DA) सीधे बेसिक वेतन के प्रतिशत पर आधारित होता है, इसलिए बेसिक बढ़ते ही DA भी बढ़ जाएगा। इसके अलावा HRA, TA, मेडिकल और अन्य कई सुविधाओं में स्वतः वृद्धि होगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी को अभी ₹18,000 बेसिक पर 50% DA मिल रहा है, तो उसे ₹9,000 DA मिलता है, लेकिन ₹58,500 बेसिक होने पर वही DA ₹29,250 तक पहुंच सकता है। इसी तरह HRA भी शहर के अनुसार 9%, 18% या 27% तक मिलता है, जिससे वास्तविक इन-हैंड सैलरी काफी बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनकी बचत और खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

8वें वेतन आयोग की संभावित तारीख

अभी सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन परंपरा के अनुसार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 के आसपास 8वां वेतन आयोग लागू किया जा सकता है। आमतौर पर आयोग के गठन से लेकर सिफारिशें लागू होने तक 12 से 18 महीने का समय लगता है। इसलिए यदि 2025 में आयोग बनता है तो 2026 या 2027 में नई सैलरी लागू होने की संभावना है। कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि महंगाई लगातार बढ़ रही है और वेतन संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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