IAS Interview Question – यह एक लोकप्रिय आईएएस इंटरव्यू पहेली है जो उम्मीदवार की जानकारी नहीं बल्कि उसकी सोचने की क्षमता, तर्क और अवलोकन शक्ति को परखती है। ऐसे प्रश्नों का उद्देश्य किताबों वाला ज्ञान निकालना नहीं होता, बल्कि यह समझना होता है कि व्यक्ति स्थिति को कितनी गहराई से देखता है। प्रश्न में चार लोग हैं – अंधा, गूंगा, लंगड़ा और बहरा – और सभी आम के पेड़ के नीचे बैठे हैं। जैसे ही आम गिरता है, पूछा जाता है कि सबसे पहले उसे कौन उठाएगा। पहली नजर में यह सामान्य सा लगता है, लेकिन उम्मीदवार अक्सर शारीरिक कमियों पर ध्यान देकर उलझ जाता है। असल में प्रश्न ध्यान से पढ़ने और परिस्थितियों को समझने की परीक्षा है। इस तरह के सवालों में सीधा उत्तर नहीं, बल्कि तार्किक विश्लेषण महत्वपूर्ण होता है। सही उत्तर पाने के लिए यह समझना जरूरी है कि किस व्यक्ति के पास आम उठाने की वास्तविक क्षमता मौजूद है।
प्रश्न को सही तरीके से समझने की आवश्यकता
इस पहेली को हल करने के लिए सबसे पहले हमें चारों व्यक्तियों की स्थिति समझनी होगी। अंधा व्यक्ति देख नहीं सकता, इसलिए उसे आम गिरने का पता ही नहीं चलेगा। गूंगा व्यक्ति बोल नहीं सकता, लेकिन वह देख और सुन सकता है, इसलिए उसे आम गिरता हुआ दिखाई देगा, मगर प्रश्न बोलने से संबंधित नहीं है बल्कि उठाने से है। बहरा व्यक्ति सुन नहीं सकता, परंतु वह देख सकता है, इसलिए वह आम गिरते हुए देख सकता है। अब बचता है लंगड़ा व्यक्ति। लंगड़ा व्यक्ति चल नहीं सकता, पर वह देख सकता है, सुन सकता है और हाथों से चीज उठा सकता है। चूंकि सभी लोग पहले से पेड़ के नीचे बैठे हैं, इसलिए चलने की आवश्यकता ही नहीं है। आम सीधे उनके पास गिरा है। इसलिए जो व्यक्ति देखने और हाथ से उठाने में सक्षम है, वही आम उठाएगा। यहां चाल यह है कि लोग चलने की अक्षमता को अनावश्यक रूप से महत्वपूर्ण मान लेते हैं।
तार्किक विश्लेषण से निकलता सही उत्तर
अब जब स्थिति स्पष्ट हो गई, तो उत्तर तक पहुंचना आसान हो जाता है। अंधा व्यक्ति आम को देख नहीं सकता, इसलिए उसके द्वारा सबसे पहले उठाना संभव नहीं है। गूंगा व्यक्ति की समस्या बोलने की है, जिसका आम उठाने से कोई संबंध नहीं, लेकिन प्रश्न में प्राथमिकता उस व्यक्ति की होगी जिसे तुरंत क्रिया का बोध हो। बहरा व्यक्ति सुन नहीं सकता, पर वह आम गिरते हुए देख सकता है, इसलिए उसके पास भी अवसर है। मगर सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि सभी लोग पहले से पेड़ के नीचे बैठे हैं। लंगड़ा व्यक्ति चल नहीं सकता, लेकिन उसे चलना ही नहीं है क्योंकि आम उसी के पास गिरा है। उसके हाथ काम करते हैं, वह देख भी सकता है और समझ भी सकता है। इसलिए सबसे पहले आम उठाने वाला व्यक्ति लंगड़ा होगा। यह उत्तर इसलिए सही है क्योंकि प्रश्न शारीरिक कमजोरी नहीं बल्कि परिस्थितिजन्य क्षमता पर आधारित है।
इंटरव्यू में ऐसे सवाल क्यों पूछे जाते हैं
आईएएस इंटरव्यू में इस प्रकार के सवाल उम्मीदवार की मानसिक सतर्कता, धैर्य और विश्लेषण क्षमता को जांचने के लिए पूछे जाते हैं। कई बार उम्मीदवार घबराकर जल्दी उत्तर देने की कोशिश करता है और सीधे अंधे या बहरे व्यक्ति को उत्तर बता देता है। लेकिन साक्षात्कारकर्ता यह देखना चाहता है कि उम्मीदवार प्रश्न को कितनी बारीकी से पढ़ता है। प्रशासनिक सेवा में कई बार अधूरी जानकारी के आधार पर निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है। इसलिए अधिकारी को हर परिस्थिति का निरीक्षण करना और तथ्यों को समझना जरूरी होता है। यह पहेली भी यही सिखाती है कि केवल कमी पर ध्यान देने के बजाय वास्तविक स्थिति को देखना चाहिए। सही अधिकारी वही है जो भावनात्मक अनुमान नहीं बल्कि तार्किक विचार से निष्कर्ष निकाले। इसलिए ऐसे प्रश्न उम्मीदवार के धैर्य और बुद्धिमत्ता का वास्तविक परीक्षण बन जाते हैं।
इस पहेली से मिलने वाली सीख
इस प्रश्न से सबसे बड़ी सीख यह मिलती है कि हर समस्या का समाधान सीधे दिखाई नहीं देता। कई बार हम व्यक्ति की कमजोरी देखकर निर्णय बना लेते हैं, जबकि वास्तविकता अलग होती है। लंगड़ा व्यक्ति चल नहीं सकता, लेकिन परिस्थिति ऐसी है जहां चलना जरूरी ही नहीं है। इसका मतलब है कि किसी की एक कमी उसे हर काम में अयोग्य नहीं बनाती। जीवन और प्रशासन दोनों में परिस्थितियों का सही आकलन करना आवश्यक है। यही कारण है कि इंटरव्यू में ऐसे प्रश्नों को महत्वपूर्ण माना जाता है। सही उत्तर केवल बुद्धि से नहीं बल्कि धैर्यपूर्वक सोचने से मिलता है। इसलिए निष्कर्ष स्पष्ट है — आम सबसे पहले लंगड़ा व्यक्ति उठाएगा, क्योंकि वह देख सकता है, समझ सकता है और बिना चले भी उसे उठाने में सक्षम है। यही वास्तविक तार्किक उत्तर है।









