LIC FD Schemes 2026: LIC की नई FD स्कीम में 1.5 लाख निवेश करने पर मिलेगा हर महीने ₹4698 मिलेगा

LIC FD Schemes 2026

LIC FD Schemes 2026 : एलआईसी की योजनाएं हमेशा से उन निवेशकों के लिए भरोसेमंद मानी जाती रही हैं जो जोखिम से बचते हुए नियमित आय चाहते हैं। हाल ही में चर्चा में आई नई FD जैसी योजना ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा है क्योंकि इसमें एकमुश्त निवेश के बाद हर महीने निश्चित राशि मिलने का दावा किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति 1.5 लाख रुपये का निवेश करता है तो अनुमानित तौर पर लगभग ₹4698 प्रतिमाह मिलने की बात कही जा रही है, जो खासकर सेवानिवृत्त व्यक्तियों और गृहिणियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। यह योजना उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो बैंक FD की तुलना में थोड़ी बेहतर रिटर्न के साथ सुरक्षा चाहते हैं। हालांकि निवेश से पहले योजना की शर्तें, अवधि, ब्याज दर और भुगतान विकल्प को समझना बेहद आवश्यक है ताकि बाद में किसी तरह की गलतफहमी न हो और निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार सही निर्णय ले सके।

योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता

इस प्रकार की एलआईसी योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें निवेश की सुरक्षा बीमा संस्था के भरोसे के साथ जुड़ी होती है। निवेशक एकमुश्त राशि जमा करते हैं और उसके बदले उन्हें मासिक आय विकल्प मिलता है, जिसे एन्युटी प्रकार का भुगतान माना जाता है। आमतौर पर 30 से 80 वर्ष के बीच का व्यक्ति इस योजना में आवेदन कर सकता है, हालांकि सटीक आयु सीमा योजना के प्रकार पर निर्भर करती है। निवेश की न्यूनतम राशि तय होती है और उसके बाद निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार अधिक राशि भी लगा सकते हैं। भुगतान मासिक, तिमाही, अर्धवार्षिक या वार्षिक रूप में चुनने का विकल्प भी दिया जाता है, लेकिन अधिकांश लोग मासिक आय विकल्प पसंद करते हैं क्योंकि इससे नियमित खर्चों को संभालना आसान हो जाता है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जिनके पास एकमुश्त पैसा है और वे उसे सुरक्षित आय में बदलना चाहते हैं।

1.5 लाख निवेश पर मासिक आय कैसे बनती है

जब निवेशक 1.5 लाख रुपये जमा करता है तो कंपनी उस राशि को एक निश्चित अवधि के लिए निवेशित मानकर उस पर अनुमानित रिटर्न के आधार पर मासिक भुगतान तय करती है। यह राशि ब्याज दर, निवेशक की उम्र और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है। अधिक उम्र वाले निवेशकों को सामान्यतः अधिक मासिक राशि मिलती है क्योंकि भुगतान अवधि कम मानी जाती है। ₹4698 मासिक आय का अनुमान भी इसी आधार पर लगाया जाता है, हालांकि वास्तविक भुगतान आवेदन के समय लागू दरों पर निर्भर करेगा। इस योजना में बाजार जोखिम का असर बहुत कम होता है क्योंकि रिटर्न पहले से निर्धारित होते हैं। इसलिए जिन लोगों को शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में उतार-चढ़ाव से डर लगता है, उनके लिए यह बेहतर विकल्प बन सकता है। लेकिन निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज और गणना अवश्य जांच लेनी चाहिए।

निवेश के फायदे और सावधानियां

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ नियमित आय है, जिससे पेंशन जैसा अनुभव मिलता है। बुजुर्ग नागरिकों, रिटायर कर्मचारियों और घर चलाने वाले परिवारों के लिए यह काफी उपयोगी हो सकता है क्योंकि हर महीने तय रकम मिलती रहती है। साथ ही मूलधन की सुरक्षा होने से मानसिक संतोष भी बना रहता है। हालांकि निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि एक बार पैसा जमा करने के बाद उसे तुरंत निकालना आसान नहीं होता और सरेंडर करने पर कम राशि मिल सकती है। इसके अलावा मुद्रास्फीति यानी महंगाई बढ़ने पर भविष्य में यह तय आय कम महसूस हो सकती है। इसलिए केवल पूरी बचत इसमें लगाने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना बेहतर माना जाता है। निवेशक को अपने खर्च, भविष्य की जरूरत और आपातकालीन फंड को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

इस योजना में आवेदन करना अपेक्षाकृत आसान है। इच्छुक व्यक्ति एलआईसी शाखा, अधिकृत एजेंट या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आवेदन के समय पहचान प्रमाण, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक, पासपोर्ट साइज फोटो और आयु प्रमाण पत्र देना आवश्यक होता है। केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेश राशि जमा करनी होती है, जिसके बाद पॉलिसी दस्तावेज जारी कर दिए जाते हैं। निवेशक को भुगतान विकल्प और नामांकन की जानकारी सही तरीके से भरनी चाहिए ताकि भविष्य में भुगतान में कोई समस्या न आए। पहली मासिक आय आमतौर पर निर्धारित अवधि के बाद शुरू होती है और सीधे बैंक खाते में जमा होती रहती है। आवेदन से पहले आधिकारिक जानकारी पढ़ना और एजेंट से सभी शर्तों को समझ लेना निवेशक के लिए सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

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