PM Kisan Yojana 22th Installment – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। अब किसानों की नजर 22वीं किस्त पर टिकी हुई है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह राशि 25 फरवरी से पहले खाते में आएगी या उसके बाद। पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड को देखें तो केंद्र सरकार आमतौर पर फरवरी के आखिरी सप्ताह या मार्च की शुरुआत में किस्त जारी करती है। इस बार भी कृषि मंत्रालय की तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं और राज्यों से लाभार्थियों का सत्यापन तेजी से कराया जा रहा है। जिन किसानों का e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक खाता सही है, उन्हें सबसे पहले भुगतान मिलने की संभावना बताई जा रही है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अभी से अपनी सभी जानकारी की जांच कर लें, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी या अटकाव न हो।
कब जारी हो सकती है 22वीं किस्त और सरकार की तैयारी
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार फरवरी के अंतिम सप्ताह में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 22वीं किस्त जारी कर सकती है। कई बार प्रधानमंत्री किसी राज्य के दौरे या किसान कार्यक्रम के दौरान DBT के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करते हैं। यही कारण है कि 25 फरवरी के आसपास या उसके तुरंत बाद राशि आने की संभावना अधिक मानी जा रही है। हालांकि आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन लाभार्थियों की सूची लगभग तैयार बताई जा रही है। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि अपात्र किसानों को हटाया जाए और केवल सत्यापित किसानों के खाते में ही पैसा भेजा जाए। यदि आपका नाम पिछली किस्त में था और आपने कोई बदलाव नहीं किया है तो इस बार भी पैसा मिलने की संभावना अधिक है। लेकिन जिन किसानों ने हाल ही में आवेदन किया है, उन्हें सूची में शामिल होने में थोड़ा समय लग सकता है।
किन कारणों से अटक सकती है आपकी किस्त
बहुत से किसानों को शिकायत रहती है कि योजना में नाम होने के बावजूद उनके खाते में पैसा नहीं आता। इसका सबसे बड़ा कारण e-KYC अधूरा होना है। सरकार ने अब e-KYC को अनिवार्य कर दिया है और बिना इसके भुगतान रोक दिया जाता है। दूसरा कारण आधार और बैंक खाते की जानकारी में अंतर होना है, जैसे नाम की स्पेलिंग अलग होना या IFSC कोड गलत होना। कई मामलों में बैंक खाता निष्क्रिय होने से भी भुगतान वापस चला जाता है। भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी जरूरी है और यदि जमीन का रिकॉर्ड राज्य पोर्टल में अपडेट नहीं है तो किस्त रुक सकती है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे PM Kisan पोर्टल पर जाकर Beneficiary Status जरूर जांचें। यदि वहां “Payment Pending” या “Rejected” दिख रहा है तो तुरंत नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें।
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ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
किसान अपने मोबाइल से ही योजना की स्थिति आसानी से जांच सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल खोलें और “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या मोबाइल नंबर में से किसी एक जानकारी को दर्ज करना होता है। कैप्चा भरने के बाद सबमिट करते ही स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी। यहां आपको यह भी पता चल जाएगा कि आपकी पिछली किस्त कब आई थी और अगली किस्त भेजी गई है या नहीं। यदि स्टेटस में “FTO Generated” लिखा दिखाई देता है तो इसका मतलब है कि सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कुछ दिनों में पैसा खाते में आ जाएगा। लेकिन “RFT Signed by State” का मतलब होता है कि राज्य सरकार ने आपकी पात्रता को मंजूरी दे दी है और केंद्र सरकार भुगतान करने वाली है।
किस्त पाने के लिए अभी क्या करें
यदि आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त बिना देरी के मिले तो तुरंत तीन काम जरूर करें। पहला, आधार आधारित e-KYC पूरा करें, जो आप OTP या बायोमेट्रिक दोनों तरीके से कर सकते हैं। दूसरा, बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं और DBT सक्रिय है या नहीं, इसकी पुष्टि बैंक से करें। तीसरा, अपनी जमीन का रिकॉर्ड और नाम की स्पेलिंग PM Kisan पोर्टल में जांचें। कई किसान पुराने बैंक खाते या बंद खाते की वजह से भुगतान से वंचित रह जाते हैं। साथ ही मोबाइल नंबर अपडेट रखना भी जरूरी है क्योंकि भुगतान से जुड़ा मैसेज उसी पर आता है। अगर आपने हाल ही में बैंक बदला है या गांव में खसरा-खतौनी अपडेट हुई है तो पोर्टल पर सुधार कराना न भूलें। ये छोटे कदम आपको समय पर पूरी राशि दिलाने में मदद करेंगे।









